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संविधान दिवस पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने अंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, कहा- संविधान के कवच में देशवासी सुरक्षित

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गढ़वा
संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने शहर के सहिजना मोड़ स्थित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें संविधान की प्रति भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान ठाकुर ने कहा कि संविधान निर्माण और इसके लागू होने में डॉ. अंबेडकर की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि देशवासी संविधान के कवच में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। यह हमें कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों का उपयोग करना सिखाता है।


उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत का संविधान अपनाया था, जिसे 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया। ठाकुर ने कहा कि संविधान किसी भी देश की मूल संरचना, सरकार की शक्तियां, कर्तव्य और नागरिकों के अधिकारों को निर्धारित करता है। यह देश का सर्वोच्च कानून है और सभी सरकारी संस्थाएं इसी के अंतर्गत बंधी हुई हैं। भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
कार्यक्रम में झामुमो जिलाध्यक्ष शंभु राम, चंदन जायसवाल, मनोज ठाकुर, अशर्फी राम, सुनील कुमार गौतम, चंदन पासवान, आशीष अग्रवाल, फुजैल अहमद, रंथा नायक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


 

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